इंसान

इंसान

इंसान अपना वह चेहरा
तो खूब सजाता है ,
जिस पर लोगो
की नज़र होती है ,
मगर आत्मा को सजाने
की कोशिश कोई
नहीं करता ,जिस
पर परमात्मा की
नज़र होती है |

Bk Shivani

परमात्मा

परमात्मा

इंसान मायूस इसलिए होता है,
क्योंकि वह परमात्मा को
राज़ी करने की बज़ाए लोगो को
राज़ी करने में लगा रहता है,
वह भूल जाता है की रब राज़ी
तो सब राज़ी |

Bk Shivani

इंसान

इंसान

इंसान कर्म करने में
मनमानी कर सकता है ,
लेकिन फल भोगने
में नहीं |

इंसान

इंसान

ऐसे इंसान पर कभी भी
जुल्म मत करना जिसके
पास पुकारने के लिए
परमात्मा के अलावा
और कोई ना हो |

मुस्कान

मुस्कान

जो इंसान औरो के चेहरे की
मुस्कान देखकर खुश होता है ,
ईश्वर उसके चेहरे की
मुस्कान कभी फीकी नहीं
पड़ने देता |

Bk Shivani

दिल

दिल

हम इंसानो के
जिस्म का सबसे
खूबसूरत हिस्सा हमारा
दिल है ,और
अगर वो ही साफ़
ना हो तो चमकता चेहरा
किसी काम का नहीं है |

Bk Shivani

इंसान

इंसान

अगर आपके मन में संतोष है तो
आप सबसे अमीर है | आप यदि
शांत है ,तो आप सबसे सुखी है |
और यदि आप में दया है तो
आप बहुत अच्छे इंसान है |

Bk Shivani

बादशाह

बादशाह

ज़िंदगी मैं ऊँचा उठने के लिए,
किसी डिग्री की जरूरत नहीं,
अच्छे शब्द ही इंसान को
बादशाह बना देते है |

Bk Shivani

इंसान

इंसान

जो इंसान तोलकर नहीं बोलता ,
उसे सख्त बातें सुननी पड़ती है।
Sekh Saadi

अमीर

अमीर

दुनिया का सबसे अमीर,
इंसान भी माँ बाप के बिना,
गरीब होता है |

इंसान

इंसान

हर इंसान के ज़िन्दगी में वह सबसे ख़ास होती है,
दूर होते हुए भी वह दिल के पास होती है,
जिसके सामने मौत भी अपना सर झुका दे,
वह और कोई नहीं बस माँ होती है |

इंसानियत

इंसानियत

ना जियो धर्म के नाम पर,
नाम मरो धर्म के नाम पर,
इंसानियत ही है, धर्म वतन का,
बस जिओ वतन के नाम पर |

सम्मान

सम्मान

किसी के लिए अपना सब कुछ
कुर्बान
कर देना इतना मुश्किल नहीं है…
लेकिन उस इंसान को खोज पाना
मुश्किल है जो आपकी कुर्बानी
का सम्मान करे।

BK SHIVANI

इंसान

इंसान

हर इंसान साथ छोड़ देता है
वक़्त के साथ
लेकिन एक दोस्त ही होते है जो
हर हाल में साथ देते है |

स्वतंत्रता

स्वतंत्रता

स्वतंत्रता हर इंसान का कभी न ,
ख़त्म होने वाला ,
जन्म सिद्ध अधिकार है।
Bhagat Singh

इंसानियत

इंसानियत

मैं एक इंसान हूँ।
वो हर बात मुझे प्रभावित करती है ,
जो इंसानियत को प्रभावित करे।
Bhagat Singh

विचारों

विचारों

इंसानों को तो मारा जा सकता है ,
पर उनके विचारों को नहीं।
Bhagat Singh

उम्र में इंसान

उम्र में इंसान

बीस साल की उम्र में इंसान ,
अपनी इच्छा से चलता है ,
तीस में बुद्धि से और चालीस ,
में अपने अनुमान से।