जीवन जीने का वो मंत्र जो सिर्फ आपको कोरोना वायरस से ही नहीं बल्कि जीवन जीने और मधुर सम्बन्ध बनाये रखने में भी मदद करेगा |  इसे जरूर अपनाये |

जीवन जीने का वो मंत्र जो सिर्फ आपको कोरोना वायरस से ही नहीं बल्कि जीवन जीने और मधुर सम्बन्ध बनाये रखने में भी मदद करेगा | इसे जरूर अपनाये |

सोल्यूमन आईलैंड के बारे में कहा जाता है कि वहां किसी वृक्ष को खत्म करना हो तो वह उसको काटते नहीं है बल्कि इर्द-गिर्द उसको खड़े होकर कोसते हैं जिससे पेड़ धीरे-धीरे सूख जाता है। इसलिए कहते हैं कि जो हम सोचते हैं, वह सिद्ध होता है। सबसे शक्तिशाली बात है कि हम परमात्मा की उर्जा का अपने चारों तरफ एक सर्कल बनाएं। हम सभी हाथ धो रहे हैं। अच्छी बात है, लेकिन आप कितनी बार भी हाथ धो लो। किसी भी चीज को बार-बार सैनिटाइज कर लो। कितनी बार ही अपने आप को सैनिटाइज कर लो। हमें पता ही नहीं है कि फिर कहां कहां हाथ लग रहा है। इसलिए परमात्मा की शक्तियां परमात्मा की पवित्रता बहुत जरूरी है। हमारे चारों तरफ एक ऊर्जा सर्कल है और संकल्प यह करना है कि इस सर्कल के अंदर कुछ भी प्रवेश नहीं कर सकता। इससे हम स्वयं को परिवार को और देश को ऊर्जावान बनाएंगे। यह जादू है,
यह कोई भी कर सकता है। फिर हम संकल्प करें कि परमात्मा की पवित्रता और शक्तियों का हमारे चारों तरफ एक सर्कल है जिसे आभामंडल कहते हैं। यह मेरा सुरक्षा कवच है। फिर एक संकल्प है। मैं सदा सुरक्षित हूं। सुबह उठते ही फोन देखने से पहले हाथ धोने से पहले किसी से बात करने से पहले हमारा संकल्प यही होना चाहिए। क्योंकि सुबह के पहले के विचार का असर पूरे दिन रहता है। इसलिए हम कहते हैं सुबह सुबह किसका चेहरा देखा। मतलब की सुबह की पहली सोच क्या थी, इसलिए सुबह उठते ही पहले विचार ऐसे होने चाहिए। मैं शांत हूं। मैं पवित्र आत्मा हूं। मेरा शरीर अच्छा है। परमात्मा की उर्जा के सर्कल में मेरा पूरा परिवार सुरक्षित है। 2 मिनट दीजिए और इस सर्कल का मानसिक चित्रण लीजिए। रात को सोने से पहले की आखिरी सोच भी यही होनी चाहिए जो आखिरी सोच होगी ,वह सारी रात काम करती है और सुबह उठते ही हमारी सोच वही बन जाती है यही सोच रात को सोचते-सोचते सो जाइए कि मैं सुरक्षित हूं। इस तरह यह दो समय तो हो गए। दिन में जब भी याद आ जाए, मन ही मन इस मंत्र को दोहराई है। मैं शक्तिशाली हूं। मैं सुरक्षित हूं, स्वस्थ हूं। सब अच्छा चल रहा है। ब्रह्माकुमारी संस्था में हम हर एक घंटे के बाद 1 मिनट के लिए रुकते हैं। उसमें हम इसे दोहराते हैं। सबसे महत्वपूर्ण समय खाने और पीने का है। मतलब हम दिन में तीन चार बार खाना खा ही लेते होंगे और सात आठ बार पानी पी लेते होंगे। 10-12 बार तो यही हो गया खाने और पानी पीने के समय इन्हें दोहराना आज इसलिए जरूरी है क्योंकि इस समय आपके खाने और पानी में भी डर और चिंता की ऊर्जा है, जो संकल्प हम भोजन में और पानी में डालते हैं। उसका हमारे मन पर सीधा असर होता है। कहा भी जाता है जैसा अन्न वैसा मन जैसा पानी वैसी वाणी मतलब मुंह में बिना अपना संकल्प डाले कुछ जाना नहीं चाहिए। अगर यह किसी ने एक हफ्ते तक कर लिया तो 100% भय से दूर होना शुरू हो जाएगा और आप सुरक्षित अनुभव करेंगे। यही इस समय सबसे ज्यादा जरूरी है। अगर हम इसके साथ में भावनात्मक सुरक्षा को भी जोड़ देंगे तो आप हर तरह से सुरक्षित हो जाएंगे और दुनिया की किस्मत बदल जाएगी। अभी हमें उस वायरस को उकसाना नहीं है कि अभी आप और आने वाले हो, हमें पता है। अभी आप और दो-तीन महीने रहोगे। हमें पता है हमारा बिज़नेस खत्म हो जाएगा बल्कि हमें यह सोचना है कि हमें पता है कि आप खत्म हो चुके हो, हमें पता है। हम सुरक्षित हैं। ऊपर दी गई सोच और संकल्प का विचार सिर्फ इस वायरस के लिए नहीं है। यह आपके जीवन जीने का तरीका बन जाएगा क्योंकि खुशहाल जीवन के लिए और मधुर सम्बन्ध बनाए रखने के लिए बहुत जरूरी है।

Bk Shivani



गुस्सा

गुस्सा

गुस्सा केवल नुकसान कर
सकता है ,फायदा नहीं |

Bk Shivani

ज़िम्मेदारी 

ज़िम्मेदारी 

ज़िम्मेदारी दी नहीं,
 ली जाती है I
Dr. Vivek Bindra

विचार

विचार

विचारो को केवल पढ़कर छोड़ देने
से जीवन मैं बदलाव
नहीं आता | विचार तभी बदलाव
लाते है ,जब उन्हे जीवन मैं उतारा
जाता है |

Bk Shivani

सम्पन्नता

सम्पन्नता

सम्पन्नता धन के अधीन में ,
नहीं बल्कि उसके कार्य में है |

Nepoleon Bonapart

ईर्ष्या

ईर्ष्या

एक सच्चा मनुष्य किसी से,
ईर्ष्या नहीं करता है |

Nepoleon Bonapart

दया

दया

जो निर्बल पर दया नहीं करता ,
उसे बलवान के अत्याचार
सहने होंगे।

Shek saadi

इंसान

इंसान

जो इंसान तोलकर नहीं बोलता ,
उसे सख्त बातें सुननी पड़ती है।
Sekh Saadi

नम्रता

नम्रता

जिनमे नम्रता नहीं आती ,
वे विधा का पूरा सदुपयोग
नहीं कर सकते |

Mahatma Gandhi

बरसातों

बरसातों

इन बरसातों से दोस्ती,
अच्छी नही ,
कच्चा तेरा मकान है,
कुछ तो ख्याल कर |

फ्रिज

फ्रिज

हम रह नहीं सकते बिन तुम्हारे ,
लगता है ऐसा बिन तुम्हारे ,
जैसे गर्मियों मे फ्रिज,
नहीं हो घर हमारे |

जब तक

जब तक

जब तक आप खुद,
दुखी नही, होना चाहते है,
तब तक,कोई आपको
दुखी नही ,कर सकता है I

BK SHIVANI

शब्द

शब्द

मैं ‘नहीं’ शब्द को सुनने के ,
सक्षम नहीं हूँ।
मैं इंकार को स्वीकार नहीं करता।

Dhirubhai Ambani

बेकार

बेकार

ये रोज का बढ़ना नहीं बल्कि
रोज का घटना है।
जो बेकार है उसे हटा दो।

Bruce Lee

समय

समय

यदि आप किसी चीज के बारे में
सोचने में बहुत अधिक
समय लगाते हैं ,
तो आप उसे कभी कर नहीं पाएंगे ।

Bruce Lee

परवाह नहीं चाहे,

परवाह नहीं चाहे,

परवाह नहीं चाहे,
जमाना कितना,
भी खिलाफ हो,
चलूँगा उसी राह पर जो,
सीधी और साफ हो |
“शुभ प्रभात”

सच्चा प्यार कभी मरता,

सच्चा प्यार कभी मरता,

सच्चा प्यार कभी मरता,
या फीका नहीं पड़ता,
बल्कि वो तो वक़्त के साथ,
और मजबूत और गहरा,
होता जाता है |

अब तो बर्दास्त नहीं होती

अब तो बर्दास्त नहीं होती

ना मुस्कुराने को जी चाहता हैं,
ना कुछ खाने और पीने को जी चाहता हैं..
ये  गर्मी अब तो बर्दास्त नहीं होती,
बस अब तो AC लाने को जी चाहता हैं I
Happy Summer

खड़े पहाड़ नहीं

खड़े पहाड़ नहीं

वो सामने खड़े पहाड़ नहीं हैं,
जो आपको थका देते हैं,
बल्कि वो आपके जूतों,
में पड़े कंकड़ हैं,
जो आपको थका देते हैं।

इस तरह प्यार नहीं होता |

इस तरह प्यार नहीं होता |

दर्द हैं दिल में पर इसका ऐहसास नहीं,
होता,
रोता हैं दिल जब वो पास नहीं होता,
बरबाद हो गए हम उनकी मोहब्बत में,
और वो कहते हैं कि इस तरह प्यार नहीं,
होता |

चिंता नहीं होती

चिंता नहीं होती

ऐसी बहुत सी चीजें हैं ,
जो हम फेंक देते ,
यदि हमें इस बात की ,
चिंता नहीं होती की ,
कोई और उन्हें उठा लेगा।

मौका नहीं मिलता

मौका नहीं मिलता

हमें उतनी सारी चीजें ,
करने का मौका नहीं मिलता,
और हर किसी को ,
सचमुच ऐक्सिलेन्ट होना चाहिए ,
क्योंकि ये हमारी ज़िंदगी है |
Steve Jobs

साहसी लोग

साहसी लोग

साहसी लोग शांति के लिए,
क्षमा करने से भी घबराते नहीं है |

जब आपको पता नही

जब आपको पता नही

जोखिम तब होता है जब आपको पता नही होता है कि आप क्या कर रहे हैं.

जब तक आप लायक नहीं हो जाते

जब तक आप लायक नहीं हो जाते

'आप हाई स्कूल से निकलते ही 60,000 डॉलर नहीं कमाने लगेंगे। आप फ़ोन और कार के साथ वाइस-प्रेसिडेंट नहीं बन जायेंगे जब तक आप दोनों के लायक नहीं हो जाते।

'

सक्षम नहीं हूँ।

सक्षम नहीं हूँ।

मैं ‘नहीं’ शब्द को सुनने के सक्षम नहीं हूँ। मैं इंकार को स्वीकार नहीं करता।

तब तक नहीं रुको

तब तक नहीं रुको

उठो, जागो और तब तक नहीं रुको जब तक लक्ष्य ना प्राप्त हो जाये.

चाँद

चाँद

बादल चाँद को छुपा सकता है आकाश को नही……. हम सबको भुला सकते है आप को नही…