बचपन

बचपन

बचपन के दिन भुला ना देना,
आज हंसे कल रुला ना देना,
इचक दाना -पिचक दाना दाने उपर दाना,
कितना प्यारा था बचपन मस्ताना |

सवाल

सवाल

सवाल  ये नहीं है कि कितना,
सीखा जा सकता है इसके,
उलट सवाल ये है कि,
कितना भुलाया,
जा सकता है |
OSHO

चाँद

चाँद

बादल चाँद को छुपा सकता है आकाश को नही……. हम सबको भुला सकते है आप को नही…



Imagemsg© 2019 Company, Inc.