खुशनुमा

खुशनुमा

जब एक सेकंड की,
मुस्कुराहट से फोटो सुंदर,
आ सकती है तो क्या सदा,
मुस्कुराते रहने से जिंदगी,
खुशनुमा नहीं हो सकती |

सुंदर

सुंदर

शरीर सुन्दर हो या ना हो,
उससे फर्क नहीं पड़ता |
लेकिन शब्दों को जरूर
सुंदर होना चाहिए ,
क्योंकि लोग चेहरे को
भूल जाते है ,
लेकिन शब्दों को नहीं
भूलते |

सुंदरता

सुंदरता

शरीर में कोई सुंदरता नहीं
होती है ,सुन्दर होते है तो,
केवल मनुष्य के कर्म ,विचार ,
वाणी ,व्यवहार ,संस्कार
और उसका चरित्र |

सुंदरता

सुंदरता

विवेकी को पाकर गुण सुंदरता को प्राप्त,
होते हैं सोने में जड़ा हुआ रत्न अत्यंत,
शोभित होता है।

Chankya