साक्षात्कार

साक्षात्कार

परमात्मा व्यक्ति नहीं है उसका,
साक्षात्कार नहीं हो सकता,
परमात्मा शक्ति है लेकिन शक्ति,
भी पढार्थगत नहीं है आत्म गत है,
इसलिए उसका पहला अनुभव,
स्वयं में प्रवेश पर ही होता है।
OSHO

छाया

छाया

अज्ञान ही पाप है शेष पाप,
तो उसकी छाया मात्र है।
OSHO

अंधविश्वासों

अंधविश्वासों

आत्मविश्वास का अभाव,
ही सभी अंधविश्वासों,
का जनक है।
OSHO

एहसास

एहसास

कार्य कर लेने के बाद,
जिसका एहसास होता है,
वह है क्रोध।
OSHO

संभावना

संभावना

हमेशा याद रखें कि जो,
सामने है वह सच है,
उसके बाद जो कुछ भी है,
वह सिर्फ संभावना है।
OSHO

भविष्य

भविष्य

जीवन आज और अभी है,
उसे कभी अतीत या,
भविष्य में ना देखें।
OSHO

शक्ति

शक्ति

किसी चीज को दबाना उसे शक्ति,
देने का दूसरा नाम है।
OSHO

बेईमान

बेईमान

ईमानदार कभी बेईमान नहीं हो,
सकता यही बात बेईमान के साथ,
भी लागू होती है।

परमसुख

परमसुख

अच्छी निंद्रा और परमसुख,
उन्हें प्राप्त होता है,
जो आशा से भरे हैं।

वापस

वापस

आशा का अर्थ है -थका हुआ नहीं हूं।
टूटा नहीं हूं ,बिना पास हुए,
वापस नहीं जाऊंगा।

सफलता

सफलता

बड़े कार्यो की सफलता के लिए छोटे,
कार्यों को आरंभ में करना चाहिए,
इसलिए प्रातः जल्दी अपने बिस्तर को,
त्याग देना चाहिए।

सफलता

सफलता

प्रत्येक काम को हिम्मत और,
शांति के साथ करो यही सफलता,
का साधन है।

विजय

विजय

अपने निंदा सहने की शक्ति रखने,
वाला व्यक्ति मानो विश्व पर,
विजय पा लेता है।

क्षमता

क्षमता

जिन्हें अपनी क्षमता पर विश्वास है,
वह विजय प्राप्त कर सकते हैं।

प्रशंसा

प्रशंसा

अपनी प्रशंसा सुनकर हम इतने मतवाले हो,
जाते हैं कि फिर हममें विवेक की शक्ति भी,
लुप्त हो जाती है बड़े से बड़ा महात्मा भी,
अपनी प्रशंसा सुनकर फूल उठता है।

Premchand