🇮🇳 हिंदी
दोस्ती के धागों
जमाने से कब के गुजर गए होते, ठोकर ना लगी होती बच गए होते, बंधे थे बस दोस्ती के धागों में, वरना कब के बिखर गए होते।
Share this message
जमाने से कब के गुजर गए होते, ठोकर ना लगी होती बच गए होते, बंधे थे बस दोस्ती के धागों में, वरना कब के बिखर गए होते।
Share this message