🇮🇳 हिंदी

कलियाँ

सारी उम्र में एक पल भी आराम का न था, वो जो दिल मिला किसी काम का न था, कलियाँ खिल रही थी हर गुलाब था ताज़ा, मगर कोई भी गुलाब मेरे नाम का न था |

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